कज़िन शहनाज़ की चुदाई – Hindi Sex Stories

हेलो डीके फ्रेंड्स! आज मैं आपको अपनी एक रियल स्टोरी बताने जा रहा हू, पहले मैं अपने बारे में बताता हू, मेरा नाम समीर अली है.

मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. मैं ग्रॅजुयेट हूँ और अभी जॉब कर रहा हूँ. मेरी एज 23 ईयर है. मैं रेग्युलर जिम करता हूँ एंड मेरे लंड का साइज़ 6.5 इंच है.

तो ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए मैं स्टोरी पे आता हूँ. कैसे मैने अपने कज़िन सिस्टर (मामा की लड़की) की चुदाई की. उसका नाम शहनाज़ है (नेम चेंज्ड) वो मेरे से 4 साल बड़ी है हम दोनो हमेशा आछे फ्रेंड्स की तरह रहते थे.

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मैने उसको पहले कभी गंदी नज़र से नही देखा था बट जैसे वो बड़ी हो गयी उसके बूब्स एंड गॅंड भी बड़ी होते गये उसका फिगर अभी 36.30.38 होगा.

बात आज से 1 साल पहले की है. मेरे मामा मामी नेटिव गये हुए थे, उन्होने मुझे रात को उनके घर पे सोने के लिए कह गये थे.

मैं रोज़ रात को उनके घर सोने जाता और सुबह जल्दी उठके वहीं से कॉलेज चला जाता.पर उस्दीन संडे था तो मैं सुबह उठा बट संडे है सोचके नीचे सो गया शहनाज़ से थोड़ा दूर.

मैं उपर बेड पे सोता था एंड वो नीचे छोटे बेड पे. सुबह के 7.8 बजे होंगे. मेरी आदत करवट बदल बदल के सोणेकी है.

मैं वैसे ही सो रहा था मैं करवट बदलते हुए कब उसके पास चला गया पता नही चला और मेरा हाथ उसके बूब्स पे पढ़ गया मैं थोड़ी देर महसूस करने के बाद झट से उठा तो उतने मे शहनाज़ भी उठ गयी हम दोनो झट से दूर हो गये.

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उसे भी पता था की मैने जानबूझ कर ऐसा नही किया बट ग़लती से हो गया, पर उसके बाद उसके चेहरे पे अलग सी स्माइल आ गई थी. मैं फिर वहाँ से अपने घर आ गया.

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थोड़ी देर बाद मेरी मॉम ने कहा की शहनाज़ को जाके ब्रेकफास्ट देदे. मैने कहा ओके. मैं ब्रेकफास्ट लेके उसके घर गया तो दरवाज़ा खुला हुआ था, मैं अंदर गया तो बाथरूम से नहाने की आवाज़ आरही थी.

उसका बाथरूम किचन के साइड मे है. उसने जैसेही किचन मे हलचल सुनी उसने पूछा.

शहनाज़ – कॉन हैं?

मैं – मैं समीर, मॉम ने ब्रेकफास्ट भेजा है.

शहनाज़ – ओके, बट जाते जाते मुझे दूसरी टॉवेल देते जाओ, मेरी टॉवेल इधर गिरके भीग गयी है.

मैं – ओहके.

मैने दूसरा टॉवेल ढुंदा एंड जैसे ही मैने बाथरूम मे उसको टॉवेल देने के लिए हाथ बढ़ाया, उसने झट से मेरा हाथ पकड़ के अंदर खीच लिया. वो पहले से टॉवेल मे ही थी, उसने ये टॉवेल माँगना तो एक बहाना था.

मैं – ये क्या कर रही हो शहनाज़.

शहनाज़ – क्यू सुबह मे मेरे बूब्स पे हाथ रखा था तब मैने पूछा था की क्या कर रहा है.

मैं – वो तो ग़लती से मेरा हाथ पढ़ गया था.

शहनाज़ – अछा ग़लती,, तो फिर उसके बाद मे जो तेरा लंड टेंट बन गया था उसका क्या?

मैं – वो तो बूब्स पे हाथ पढ़ने के बाद हो ही जाता है.

शहनाज़ – तूने सुबह मे एक ग़लती करी थी अब मुझे भी एक ग़लती करने दे.

ऐसा कहके उसने अपनी टॉवेल नीचे गिरा दी. मेरी तो आँखे खुली की खुली रह गयी,

शहनाज़ – ऐसा क्या देख रहा है? कभी अपनी जीएफ़ को नंगा नही देखा क्या?

मैं – देखा है पर उसके बूब्स तुम्हारे जैसे नही है.

शहनाज़ – लेकिन समीर सुन अभी हम जो भी करेंगे वो हमारे बीच मे ही रहेगा.

मैं – ओहके शहनाज़.

ऐसा कहके मैं उसके पास चला गया, उसके लिप्स को ज़ोर से किस किया और उसके बूब्स मसलने लगा. उसने भी मेरा पूरा साथ दिया.

फिर हम दोनो ने टंग किस किया करीब 15.20 मिनट तक.

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फिर मैने उसकी चुत पे हाथ फेरना चालू किया. वो पूरी क्लीन शेव्ड ही थी. गीली भी हो चुकी थी.

फिर उसको मैने गोद मे उठाया और बाथरूम से बाहर लाकर बेड पे लिटा दिया.

पहले जाके मैने डोर लॉक किया, सारे कर्टन्स डाले एंड आके उसके सामने खड़ा हो गया.

मैं – अब क्या करना है?

शहनाज़ – जो शुरू किया है उसे ख़तम कर.

ऐसा बोलके वो अपने घुटनो पे बैठ गयी एंड मेरा ट्रॅक पैंट उतार दिया.मेरा लंड देख के वो खुश हो गई एंड बोली “ये तो मेरे बीएफ से बड़ा है”.

मैं – आज मैं तुझे पूरा खुश कर दूँगा. ये बोलके मैने अपना लंड उसके मूह मे घुसा दिया.

10 मिनट तक ओरल करने के बाद मैं उसके मूह मे ही झड़ गया, फिर 10.15 मिनट के बाद उसने हिला हिला के मेरा लंड वापस से खड़ा कर दिया.

इस बार तो वो और ज़्यादा तना हुआ था, मैने देर नही की और शहनाज़ को बेड पे लेटने को कहा.

उसकी गॅंड के नीचे तकिया रखके मैने अपना आधा लंड उसकी चुत मे घुसाया, उतने मे ही उसकी चीख निकल गई, समीर कुत्ते, आराम से मैं मर जाओंगी,

पर मैं कहाँ सुनने वाला था, थोड़ी देर आराम से करने के बाद मैने अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया.

उसकी तो जैसे जान निकल गई हो, समीर इसको बाहर निकाल मैं मर जाउन्गि, पर मैने कुछ सुना नही और 20 मिनट तक वैसे ही चोदता रहा – फिर मैने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गॅंड मे लंड डालने की कोशिश किया.

पहली बार मे थोड़ा अंदर गया बट फिर मैने थोड़ा आयिल डालके पूरा लंड एकदम अंदर डाल दिया, उसकी साँस उपर चढ़ गयी एंड उसकी आँख से आसू आ गये, उसने घुटि हुई आवाज़ मे कहा,, समीर बाहर निकाल इसको.

मैने बाहर निकाला एंड फिर थोड़ी देर के बाद अंदर डाल दिया, उसको भी मज़ा आने लगा.

10 मिनट तक चुदाइ करने के बाद हम दोनो झड़ गये, हम वैसे ही बेड पे एक दूसरे के उपर बहुत देर तक लेटे रहे एंड मैने उससे पूछा की मज़ा आया या नही.

उसने भी स्माइल दी एंड हान मे अपना सिर हिलाया.

फिर मैं अपने घर आ गया, मेरे मामा मामी जब तक वापस नेटिव से नही आ गये हमने रोज़ चुदाई करी.

अभी भी हमे जब भी अकेले टाइम मिलता है हम मौका नही छोड़ते.

सो रीडर्स आपको मेरी कहानी कैसी लगी. अपने कॉमेंट्स शेर करना मेरी ईमेल आईडी पे एंड गर्ल्स, भाभिस और सिंगल मदर्स जो भी सेक्षुयल सॅटिस्फॅक्षन चाहते हो.

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